भजन : नैं जान्नूं :

nai-jannuभजन : नैं जान्नूं :

मि नैं जान्नूं तुमरि पूजा
करौं कस्यैं ओ परमेस्वर

मि अज्ञानी यो नैं जान्नूं
कि कस्यैं हुंछ तुमर बंदन
महापापी मि नैं जान्नूं
कि कस्यैं हुंछ तुमर अर्चन

मि नैं जान्नूं तुमरि महिमा
मि नैं जान्नूं तुमरि माया
मि जांछु त योई जांछु
कि तुम करला मि पर दाया

भजन :: झूमादेवी ::

jhumaभजन :: झूमादेवी ::

झूमा का पर्वत सिखर मैं बास करनीं
मैया तेरी जै हो

पल छिन मैं पापी जनौं को नास करनीं
मैया तेरी जै हो

सिंह की सवारी तेरी हाथ मैं तिरसूल
छिमा कर दिया माता मेरी सब भूल
सब्बै त तेरी दया की आस करनीं
मैया तेरी जै हो

निर्बलौं कि रक्क्षक तू दुष्टनौं मारनीं
दीनदसा देखि बेर भक्तनौं तारनीं
तबै त जन गण मन बिसवास करनीं
मैया तेरी जै हो

गुणगान

bhajan

हे म्यर इष्टौ ! हे भगवान ! अगम अगोचर दयानिधान !
तुम छौ पालक हम संतान, को करि सकौं तुमर गुणगान

तुमरि कृपा ले यो जीवन छ, तुमरि दया ले तन मन धन छ
तुम सब्बौं का भाग्य विधाता, मीखन लै दी शुभ वरदान

भक्तौं की रक्षा खन औंछा, पापी जन लै पार लगौंछा
तुम सब्बौं का संकट मोचन, प्रभु म्यर लै कर दी कल्यान