भजन: माठू माठू:

maathooभजन: माठू माठू:

माठू माठू हौले हौले
भक्ती रस मैं डोलनै जा
यो छ उकाल झूमाधुरी को
मैया की जै बोलनै जा

सन्मार्ग मैं हिट्न्य साधक
कष्टूं कैं देखिबेर डरन नै
मैया का दरसन की धुन मैं
दुनिया की परवा करन नै

क्रोधक बंधन लोभाक बंधन
मोहाक बंधन खोलनै जा
यो छ उकाल झूमाधुरी को
मैया की जै बोलनै जा

जो औंछ येकी शरण मैं
वीपर दया कंर्छि मैया
जो लोंट्छ येका चरण मैं
वीपर कृपा कंर्छि मैया

दुख दूर कंर्छि उ भंडार भंर्छि उ
वांई को बाट टटोलनै जा
यो छ उकाल झूमाधुरी को
मैया की जै बोलनै जा

भजन: सब:

 

sabभजन: सब:

नित धूप बाति जगैबेर
नय फूल पाति चढ़ैबेर
करनान अर्चना सब
करनान वंदना सब

सब सुननान तेरि अद्भुत महिमा
गुण गाथा मंदिर मैं
सब करनान पूजन आराधन
भजन आरती घर मैं

अच्छत पिठ्यां लगैबेर
चूड़ी चर्यो चढ़ैबेर
करनान अर्चना सब
करनान वंदना सब

सब कूनान जो तेरि शरण मैं
एैजां निर्भय है जां
सब मान्नान तेरि कृपा ले क्वै लै
मनवांछित फल पै जां

अतएव मन लगैबेर
श्रद्धा सुमन चढैबेर
करनान अर्चना सब
करनान वंदना सब

भजन: मैया:

o maiyaभजन: मैया:

तेरी माया बड़ी जोरदार छ
तेरी महिमा लै अपरंपार छ

कस कस महाकाय दुष्टौं क त्वीले
करी दिंछ संहार मां
जो लै षरण मैं तेरी औंछ वीपर
सदा कर्छ उपकार मां

मैया मैया सबै जा्ग
पुकार हैरे
डाना काना मैं लै
जै जै कार हैरे
चमत्कार छ

तेरी माया बड़ी जोरदार छ
तेरी महिमा लै अपरंपार छ

जै खन लगै कष्ट हुृंछ ये जगत मैं
शरण मैं तेरी औंछ मां
जो पीड़ नै कून कैई थैं मन की
उ त्यर साम्न मैं कंूछ मां

आप्न भक्तों क
एक्कै सहार तू इ छै
दीन दुर्बल की
सुन्छै पुकार तू इ छै
ऐतबार छ

तेरी माया बड़ी जोरदार छ
तेरी महिमा लै अपरंपार छ

पूर्णागिरि :

purnagiriभजन : पूर्णागिरि

पूर्णागिरि मैं म्यल है रौ बल

बड़ भल हैरौ अस्सल हैरौ
जंगल मैं मंगल है रौ बल

पूजन अर्चन आरति वंदन
अभिनंदन एवं अभिवादन

मैया की जै मैया की जै
एक्कै छ भजन एक्कै छ रटन

जै जै कोलाहल है रौ बल
पूर्णागिरि मैं म्यल है रौ बल

बिसवास :

visvasभजन : बिसवास :

मि नैं जान्नूं तुमरि सेवा
करौं कस्यैं ओ जगदीस्वर

बड़ो गैरो छ भौसागर
उलझि रौ ये मैं मेरो मन
मिखन दी मुक्ति कस्सी कैं
खुलन नै रय यो दड़ बंधन

मेरो बिसवास योई छ
मेरो उद्धार तुम करला
म्यरा जीवन की यो नैया
प्रभू जी पार तुम करला

भजन : नैं जान्नूं :

nai-jannuभजन : नैं जान्नूं :

मि नैं जान्नूं तुमरि पूजा
करौं कस्यैं ओ परमेस्वर

मि अज्ञानी यो नैं जान्नूं
कि कस्यैं हुंछ तुमर बंदन
महापापी मि नैं जान्नूं
कि कस्यैं हुंछ तुमर अर्चन

मि नैं जान्नूं तुमरि महिमा
मि नैं जान्नूं तुमरि माया
मि जांछु त योई जांछु
कि तुम करला मि पर दाया

भजन :: झूमादेवी ::

jhumaभजन :: झूमादेवी ::

झूमा का पर्वत सिखर मैं बास करनीं
मैया तेरी जै हो

पल छिन मैं पापी जनौं को नास करनीं
मैया तेरी जै हो

सिंह की सवारी तेरी हाथ मैं तिरसूल
छिमा कर दिया माता मेरी सब भूल
सब्बै त तेरी दया की आस करनीं
मैया तेरी जै हो

निर्बलौं कि रक्क्षक तू दुष्टनौं मारनीं
दीनदसा देखि बेर भक्तनौं तारनीं
तबै त जन गण मन बिसवास करनीं
मैया तेरी जै हो