गीत: मौसम:

mausamगीत: मौसम:

हर इक चैनल की मौसम पे पैनी नजर
आज सबसे बड़ी बन गई ये खबर

बर्फ गिरने लगी है हिमाचल में
घुस गई मैं संवरिया के कंबल में

ठण्ड ढूंढे मुझे राजधानी में
हवा झांके है जमना के पानी में

प्यार कौंधा खयालों के बादल में
घुस गई मैं संवरिया के कंबल में

ये कहावत न अब तक पुरानी हुई
जाड़ा चाहे रुई या फुई या दुई

प्यार बरसा मोहब्बत के जंगल में
घुस गई मैं संवरिया के कंबल में

……………………..
(रुई – रजाई, फुई – आग, दुई – जोड़ा)

गीत : वृक्षदेव :

vrixdevगीत : वृक्षदेव :

हे वृक्षदेव! जागो जग के
कण कण से आंखें चार करो
कृत्रिमता से दूषित होती
इस धरती पर उपकार करो

हे बीजब्रह्म ! अंगड़ाई लेकर
मूल प्रकृति को अपनाओ
माया के बंधन में बंधकर
सारी दुनिया में छा जाओ

शाखों वाली शीतलता से
छाया वाली निर्मलता से
दानव आकार बढाते हुए
प्रदूषण का संहार करो

पत्तों जैसी चंचलता से
फूलों जैसी कोमलता से
उद्योगों से धुंधलाते हुए
पवन का पुनरूद्धार करो

गीत : पेड़ाें के गीत :

pedon ke geetगीत : पेड़ाें के गीत :

हम गाते पेड़ाें के गीत
मन भाते पेड़ाें के गीत

शाखाएं नाचने लगी हैं
पत्ते ताली बजा रहे हैं
कोमल कलियां मुसकाई हैं
और फूल खिलखिला रहे हैं

मुस्काते पेड़ाें के गीत
मन भाते पेड़ाें के गीत

चपल पंछियों के कलरव में
मनभावन संगीत सजाकर
मानव मन में प्रकृति के लिए
अपनेपन का भाव जगाकर

लहराते पेड़ाें के गीत
मन भाते पेड़ाें के गीत

गीत: तोता मैना:

 

 

tota mainaगीत: तोता मैना:

तोते से मैना ने पूछा
क्या ऐसे भी दिन आएंगे
जब षहरों में रहने वाले
जंगल के ख़्वाब सजाएंगे

खाली बंजर स्थानों पर
जब पेड़ लगाए जाएंगे
चिमनी के धुएं की टक्कर में
पत्ते हुड़दंग मचाएंगे

ऊपर चिड़ियां रह जाएंगी
नीचे बंदर बस जाएंगे
जीने का सहारा पाएंगे
पषु पक्षी चारा पाएंगे

लंबे चैड़े और हरे भरे
वन उपवन जब लहराएंगे
वे पर्यावरण बनाएंगे
दूषण से हमें बचाएंगे

गीत: पेड़:

ped

गीत: पेड़:

दस के बदले सौ का घाटा करते हैं

जो अपने पेड़ों को काटा करते हैं

जिनके पत्ते सांसों को सरसाते हैं
जिनके बौर हवाओं को महकाते हैं
जिनके फूल हर एक नज़र को भाते हैं
जिनके फल सब बड़े चाव से खाते हैं

जिनकी शाखों पर छोटे छोटे पंछी
सुबह शाम हेल्लो या टाटा करते हैं

जिनकी फुनगी पर कोयलिया गाती है
जिनकी टहनी गिलहरियों की थाती है
जिनकी माया मधुमक्खियां बुलाती है
जिनकी छाया सबकी थकन मिटाती है

जिनके पर उपकारवाद के उदाहरण
भेदभाव की खाई पाटा करते हैं

गीत: नमन:

 

 

namanगीत: नमन:

नानछन है लीबेर हमूं खन
भलिकैं प्यारै ले पाल्न्य इजा !
सौ बार नमन छ

कच्च माट्ट खन धीरे धीरे
अस्सल सांच मैं ढाल्न्य इजा !
सौ बार नमन छ

जब मुख है के नै कै संक्छ्यां
मन मैं रुंछ्यां वांईं गै संक्छ्यां
तेरि मीठि ममता वाल आंचल मैं
खै पी सक्छ्यां औ से संक्छ्यां

तोत्ल बचन बोल्छ्यां त उनूंको
मतलब सही निकाल्न्य इजा !
सौ बार नमन छ

कभैं रोवैबेर कभैं हंसैबेर
डांट डपट या प्यार जतैबेर
लोरी गैबेर काथ सुनैबेर
आदर्शाैं का दीप जलैबेर

कस्सी लै हो हर जिज्ञासा
साम्न रोशनी डाल्न्य इजा !
सौ बार नमन छ

 

गीत: पेड़ लगाएं:

 

ped lagayenगीत: पेड़ लगाएं:

आओ मिलकर पेड़ लगाएं
इस धरती को हरा बनाएं

हरा महज एक रंग नहीं है
हरा ढंग भी है जीने का
हरा फड़कना है आंखों का
हरा धड़कना है सीने का

उसी हरेपन को अपनाएं
इस धरती को हरा बनाएं

बदला वातावरण हर तरफ
कण कण में जहरीलापन है
जड़ में भी और चेतन में भी
मुरझाया सा पीलापन है

पीलेपन को दूर भगाएं
इस धरती को हरा बनाएं