लोकभाषा: रीति रिवाज विषयकः

 

riti rivazलोकभाषा: रीति रिवाज विषयकः

अपैट – अशुभ तिथि
ढोक – प्रणाम
तिथान – श्मशान
नवान – नामकरण
नातक – जन्मोत्तर 11 दिन की अशुद्धि
पास्नि – अन्नप्राशन
ब्या – विवाह
भिटौलि – चैत्रमास में भाई द्वारा बहिन को भेंट
रते्लि – रतजगा

2. पर्व- त्योहार विषयकः

आठूँ – जन्माष्टमी
कौतिक – मेला
खतड़ुवा – भाद्रपद-संक्रान्ति
छल्लड़ि – होली
पुन्यू – पूर्णिमा
बग्वाल – दीवाली
सिरिपंचमी – बसंत पंचमी
हर्याल – चैत्रा/श्रावण/आश्विन की दशमी

3. पूजा-पाठ विषयकः

अर्घ – अघ्र्य
ऐपन – अल्पना
गन्त्व – भविष्यवक्ता
गरौजाग – ग्रहयज्ञ
जागर – देव जागरण
धामि – ग्राम मान्य पुजारी
नौल से्लूण – पूजन सामग्री जलार्पण
पिठ्याँ – रोली
बिस्वार – पिसा हुआ तरल चावल
साँख-घाँट – शंख-घंटी

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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