लोकगीत : निमन्त्रण मूलक हुड़की बौल :

लोकगीत : निमन्त्रण मूलक हुड़की बौल :

इनमें देवताओं को न्योता दिया जाता है कि वे 
कृषकों तथा उनके कृषिकार्य के अनुकूल बने रहें –

ओ आब देबा बरदैणा है जाया ओ भुम्याल देबो
ओ देबो स्योव दियौ बिद ओ भुम्याल देबो
ओ आब देबा बरदैणा है जाया ओ भुम्याल देबो

ओ देबा खोई को गनेस ओ हो गनेस देबा
ओ देबा मोरी को नरैंण ओ हो नरैंण देबा
ओ आब देबा बरदैणा है जाया ओ बासुकी नागा

ओ आब देबा बरदैणा है जाया ओ सरगा इंदर
ओ आब देबा बरदैणा है जाया बागेसर बागनाथा
ओ आब देबा तुमन चड़ूंलो रे सुना को कलस  

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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