गीत: केे नै है रै:

गीत: केे नै है रै:

तू देखींछै मकैं जां लगै चाणयूं
तू सामण मैं हुंछै जां लगै जाणयूं
भल नै लागन यसा रंग ढंग
गीत: केे नै है रै त्विकैं म्यार संग

बाट मैं तुई
तूई बजार मैं
चाख मैं पाण मैं
मोल मैं द्वार मैं

तू ई छै अब
सार संसार मैं
खान मैं पिन मैं
साज सिंगार मैं

स्वीन मैं लै छ तेरी तरंग
केे नै है रै त्विकैं म्यार संग

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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