कोई :

koiगजल: कोई :

कोई हमें बताए जाएँ कहाँ दिवाने
अपना ही दिल कभी जब अपना कहा न माने

इस जि़्न्दगी को लेकर पहुँचा कहाँ नहीं मैं
सबने अलग बताए इस जि़्ान्दगी के माने

यह हुस्न नहीं बदला और इश्क नहीं बदला
आए गए न जाने कितने नए जमाने

यह वक्त नहीं मेरा यह वक्त है कामों का
वो काम जो होने हैं नाचीज के बहाने

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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