इंतजार :

intjarरुबाई: इंतजार :

खुषी की चाह में हर गम भूले
किसी का इंतजार करते हैं
नहीं जलते दिए उम्मीदों के
गर्दिषों की हवा से डरते हैं

अपनी किस्मत में उजाले न सही
पर अंधेरे तो साथ देते हैं
जब खुषी साथ छोड़ जाती है
गम तभी हाथ थाम लेते हैं

ए मेरे हमसफर अभी न रुको
गर रुके तो मिलेगी रुसवाई
रुक रहे तो मुझे मत रोको
मेरी मंजिल अभी नहीं आई

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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