अपूर्ण वाक्यः

 

 

apurnभाषा: अपूर्ण वाक्यः

रचना की दृष्टि से जिन सरल वाक्यों में किसी अनिवार्य
संरचक का अभाव होता है, उन्हें अपूर्ण वाक्य कहते हैं।
अपूर्ण वाक्य का अर्थ प्रसंग से स्पष्ट हो जाता है।
कुमैंयाँ में दो प्रकार के अपूर्ण वाक्य मिलते हैंः

अ. प्रश्नोत्तरात्मकः निरन्तर प्रश्नों और उत्तरों के क्रम में
प्रयुक्त होने वाले अपूर्ण वाक्यों को प्रश्नोत्तरात्मक कहते हैं,
जैसेः
प्रश्नः तुम कौं रुँछा?
उत्तरः लुघाट।
प्रश्नः शहर मैं कि गूँ में?
उत्तरः शहर मैं।
प्रश्नः कत्त लै?
उत्तरः बजार मैं।
प्रश्नः बजार मैं?
उत्तरः होइ।

आ. व्याख्यात्मकः किसी सरल वाक्य के उपरान्त प्रयुक्त होकर
उसके किसी रूप की व्याख्या करने वाले अपूर्ण वाक्य को
व्याख्यात्मक कहते हैं;
जैसेः
तुम कौं जान्नौ हा? मतलब कैक याँ?
मि उनूँ थैं कि कूँ? एति ठुल आद्मि थैं?

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

2 thoughts on “अपूर्ण वाक्यः”

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