chholi
लोकगीत : छोली

त्वेसू क्या-क्या ल्यायो बेटी
वर तेरो आयो बेटी

दाख दाडि़म बबाज्यू
नीबू नारिंग बबाज्यू
लौंग इलैची बबाज्यू
झोली भर-भर ल्यायो बबाज्यू

लाडू सुवाला बबाज्यू
मेवा मिठाई बबाज्यू
झोली भर-भर ल्यायो बबाज्यू
चरेवा हरेवा बबाज्यू
चूड़ी सिंदूर बबाज्यू

नाख सों नथुलि बबाज्यू
कान सों झुमका बबाज्यू
पांव सों पायल बबाज्यू
मन हर बिछुवा बबाज्यू
झोली भर-भर ल्यायो बबाज्यू

साल दुसाला बबाज्यू
हम सों ल्यायो बबाज्यू
सभी गहना बबाज्यू
झोली भर-भर ल्यायो बबाज्यू .

Published by

Dr. Harishchandra Pathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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