प्रभु :

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भजन : प्रभु :

ओ प्रभु !
हम त्यर चरनौं की धूल
हम छौं नान है नान परमेस्वर

तुम छौ ठुल है ठूल

ओ प्रभु !
हम त्यर चरनौं की धूल

सागर है बादल अलगीनान
गाड़ है बिछड़ी गूल
हम मायाबस ठोकर खानूं
फिर लै करनूं भूल

गुरुऔं ले उपदेस सुनायो
तुम छौ स्रष्टि क मूल
हम पापी छौं दूर तुमूं है
जस्यैं जड़ है फूल

ओ प्रभु !
हम त्यर चरनौं की धूल

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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