अग्नि स्थापन :

img-20151021-wa0011agniलोकगीत : अग्नि स्थापन :

होम हेतु अग्निदेव की चारों दिशाओं में खोज की जाती है,
जो अन्तत: पीपल के पेड़ के नीचे मिलते हैं।  ……

पूर्व को देश मैले हेरी फेरी नहीं पाया
वैश्वानर देव ए नहिं पाया
पश्चिम को देश मैले हेरी फेरी नहीं पाया
वैश्वानर देव ए नहिं पाया
उत्तर को देश मैले हेरी फेरी नहीं पाया
वैश्वानर देव ए नहिं पाया
दक्षिण को देश मैले हेरी फेरी नहीं पाया
वैश्वानर देव ए नहिं पाया
पीपल की डाली मुणी पाया छन
वैश्वानर देव ए पाया छन
चल तुमी वैश्वानर मध्य लोक
तुम बिना होम नहीं यज्ञ ए तुम बिना

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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