भाषा : रूपिमों के भेद :

bhedभाषा : रूपिमों के भेद :

रूपिम तीन प्रकार के माने जाते हैंः-

1 . मुक्त रूपिम
जो रूपिम स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होते हैं, उन्हें मुक्त रूपिम कहा जाता है ;
जैसे – मंदिर, घर आदि।
प्रयोग- यो मंदिर छ (यह मंदिर है)
याँ क्वे घर ना हन (यहाँ कोई घर नहीं है)

2 . बद्ध रूपिम
जो रूपिम स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त नहीं होते, उन्हें बद्ध रूपिम कहा जाता है ;
जैसे – इ, ओं आदि।
प्रयोग- चे्ल + इ = चेलि / किताब + ओं = किताबों

3 . बद्धमुक्त रूपिम
जो रूपिम अर्थ की दृष्टि से बद्ध होते हुए भी स्थान की दृष्टि से सदैव बद्ध नहीं होते,
उन्हें बद्धमुक्त रूपिम कहा जाता है ; जैसे- ले, खन, बटै आदि।
प्रयोग- मीले् (मैंने), मिखन (मुझको),घर बटै (घर से)

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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