भाषा :: रूपिम ::

rupimभाषा :: रूपिम ::

रचना एवम् प्रयोग की दृष्टि से स्वतंत्र अस्तित्व रखने वाली भाषा की लघुतम इकाई को रूपिम कहते हैं।
अर्थ तत्व प्रदर्शित करने वाले रूपिमों को अर्थदर्शी तथा सम्बन्ध तत्व प्रदर्शित करने वाले रूपिमों को
सम्बन्धदर्शी कहा जाता है। उदाहरण -‘रामै ले रावण खन मार्छ’ – में राम, रावण और मारना अर्थदर्शी
हैं तथा ले और खन सम्बन्धदर्शी।

व्याकरणिक कोटियां

किसी भी भाषा में सम्बन्धदर्शी रूपिमों की संख्या अर्थदर्शी रूपिमों की अपेक्षा बहुत कम होती है। सम्बन्ध
दर्शी रूपिम अर्थदर्शी रूपिमों का पारस्परिक सम्बन्ध प्रदर्शित करने के साथ-साथ उनकी लिंग, वचन, कारक,
पुरुष काल आदि व्याकरणिक कोटियों को भी प्रकाशित करते हैं।

Published by

drhcpathak

Retired Hindi Professor / Researcher / Author / Writer / Lyricist

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